JOKES: आदमी दुकानदार से- “मुझे केवल सफेद रंग का ही कं-डोम देना क्योंकि मेरी पड़ोसन की…”


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आज के इस इस भागदौड़ में इंसान ना तो खुद के लिए समय निकाल पाता है और ना अपने लिए, दिनभर का थका हारा इंसान जब शाम में घर लौटता है तो वो चाहता है कि कुछ पल वो हंस सके और खुश रह सके. इसी के साथ आज हम आपके लिए कुछ ऐसे जोक्स लेकर आए हैं जिसे पढ़ने के बाद आपकी सारी थकावट दूर हो जाएगी और इन स्पेशल जोक्स को पढ़कर आपकी शाम भी हसीन हो जाएगी. तो फिर देर किस बात की आइये इन मजेदार गुदगुदाने वाले चुटकुलों को पढ़कर आज का पूरा दिन फ्रेश कर लीजिये….

एक आदमी दरवाजा खटखटाता है तो बच्चा दरवाजा खोलता है
बेटा- मम्मी जल्दी बाहर आओ, एक दाढ़ी वाले बाबा आए हैं
मम्मी- अरे बेटा ये कोई बाबा नहीं बल्कि तेरे पिताजी है, ये नोट बदलवाने बैंक गए थे, आज ही घर आए हैं चल पैर छू इनके


टीचर- खुशी का ठिकाना ना रहा, इस मुहावरे का अर्थ बताओ
बच्चा- खुशी अपने घरवालों से छुपकर रोज अपने प्रेमी से मिलने जाती थी, एक दिन उसके पापा ने उसे देख लिया और उसे घर से निकाल दिया और अब बेचारी खुशी का ठिकाना ना रहा


लड़की- कल मैं तुम्हारे लिए राखी लेकर आयी थी तो तुमने मुझसे बंधवायी क्यों नहीं
लड़का- अब अगर कल मैं तेरे लिए मंगलसूत्र लेकर आऊंगा तो तु बंधवाएगी क्या मुझसे


वो तो भगवान का लाख-लाख शुक्र है कि
पति अक्सर सुन्दर ही होते हैं
वरना दो-दो लोगों का
ब्यूटी पार्लर जाना कितना भारी पड़ता़.


पप्पू – भाई विदेशों से मेरा बहुत पुराना नाता है..
दोस्त- वो कैसे
बचपन मे जब माँ डाट देती थी तो में
“रूस” जाया करता था..

कुछ अमीरों अपने आप में बात कर रहे थे.
किसी ने कहा मेरा बाथरुम 10 लाख का तो किसी ने 20 लाख को किसी ने 50 लाख का बताया
और जब यही बात एक गाँव के आदमी से पूछी गई तो उसने बताया की मै जहा सुबह लोटा लेके जाता हूँ उस खेत की कीमत 7 करोड़ है
और ऐसे बाथरुम तो हम रोज़ बदल देते है..

कमाल के दिन थे वो भी,
मैडम मुर्गा हमे बनाती थी
और
Exam में अंडे खुद देती थी..

एक ऑटो वाले की शादी हो रही थी
जब उसकी दुल्हन फेरों के वक्त उसके पास बैठी तो वह बोला,
थोड़ा पास होकर बैठो, अभी एक और बैठ सकती है
फिर क्या था मण्डप मे ही
दे चप्पल दे चप्पल….

टीचर- एक तरफ पैसा,
दुसरी तरफ अक्कल, क्या चुनोगे ?
विद्यार्थी- पैसा
टीचर:- गलत, मै अक्कल चुनती
विद्यार्थी- आप सही कह रही हो मेडम,
जिसके पास जिस चीज की कमी होती है वो वही चुनता है….
दे थप्पड़ दे थप्पड़

पागल के हाथ में किताब देखकर डॉक्टर ने कहा-भाई ये क्या है ?
पागल ने कहा – ये आपको ही दिखाने लाया हूँ। ये 100 पन्नों की किताब मैने लिखी है.
डॉक्टर – वैसे इन 100 पन्नों में तुमने लिखा क्या है
पागल –पहले पन्ने में लिखा है एक राजा घोडे पर चढ कर जंगल की ओर चला, और अंतिम पन्ने पर लिखा कि वह जंगल पहुंच गया..
डॉक्टर – अच्छा….
बीच के पन्नों पर क्या लिखा…

पागल- तबडक तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक
तबडक

डॉक्टर –अरे वाह, लेकिन तुम्हारी ये किताब पढ़ेगा कौन ?
पागल- इंटरनेट पर डाल दूंगा, वहाँ पागलों की कमी थोड़े ही है..
एक तो अभी भी पढ कर हंस रहा है,
और कुछ देर बाद इसके कुछ और दोस्त भी पढेंगे…


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News Fellow

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