अमृतसर रेल हादसे में ‘रावण’ की भी मौत हुई, पत्नी और मां का हुआ रो:रो कर बुरा हाल


0

कल हुए बड़े रेल हादसे से पुरे देश में तहलका मचा गया है, दशहरे वाले दिन इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई आखिर इसका जवाब कौन देगा, इस हादसे में न जाने कितनी मासूम जाने चली गई अमृतसर के जौड़ा फाटक पर एक ट्रेन कई लोगों के लिए काल बनकर अचानक से सामने आई थी ये सब इतना जल्दी हुआ की कीसी को सँभलने का मौका भी नहीं मिला.

रावण दहन देखने के लिए लोगो की भीड़ रेल की पटरी पर बैठी थी उसी समय अचानक से तेज रफ़्तार में आ रही ट्रेन सैकड़ों लोगों को अपनी चपेट में लेकर निकल चली गई आपको बता दे की इन सैकड़ों लोगों में एक इंसान ऐसा भी था जो राम लीला में रावण बना हुआ था वो भी इस ट्रैन का शिकार बन गया, वैसे तो रावण के मरने पर सब अभी लोगो को ख़ुशी महसूस होती है लेकिन इस रावण के मरने पर लोग बहुत दुखी हो गये है.

क्योकि ये कोई असली रवां नहीं था बल्कि नकली रावण के रूप में एक व्यक्ति था जिस व्यक्ति की हम बात कर रहे हैं उसका नाम है दलबीर सिंह, ये वो ही शख्स है जिसने रावण दहन के मौके पर रावण का किरदार निभाया था.

लोगो की माने तो दलबीर भी रावण दहन के दौरान पटरी पर और लोगो की तरह खड़ा था, उसे क्या मालूम था की वो इस बार इस घटना का शिकार हो जायेगा दलबीर की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां और पत्नी का रो-रोकर हालत ख़राब हो चुकी है, आपको बता दें दलबीर का एक 8 महीने का छोटा बच्चा भी है, दलबीर की मां ने हमे बतया की- ‘मैं अपनी बहू को नौकरी देने के लिए सरकार से अपील करती हूं.’

आपको बता दें ये हादसा शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुआ है, इस हादसे से नजाने कितने ही घरो के चिराग बुझ गये है, जिन्हे अब कोई भी रौशन नहीं कर सकता है, सरकार लाख पैसे दे दे लेकिन एक बार अगर किसी की ज़िन्दगी का दिया बुझ जाता है तो उसे कोई भी पैसा का सामान रौशन नहीं कर सकता है.

ये हादसा हावड़ा मेल और एक डीएमयू ट्रेन के अचानक ही आने से हादसे माँ अब तक लगभग 61 लोगों के मरने की खबर सामने आ चुकी है, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मरने वालों की संख्या में आगे और भी वृद्धि हो सकती है, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने तो सभी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने का फैसला किया है, लेकिन ये पैसे अब उन लोगो के घर का चिराग को नहीं जला सकते है.


Like it? Share with your friends!

0
News Fellow

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!