धनतेरस 2018: कब है धनतेरस और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?, जानिए यहा


0

हमारा देश भारत एक सांस्कृतिक देश है. हमारे देश में हर एक पर्व त्यहार का कफी महत्व होता है, जैसा के हम सभी जानते है की अभी कुछ दीनो में ही दीपावली का त्यौहार आने वाला है जो हमारे देश में काफी हर्षोउल्लाश के साथ मनाया जाता है. दीपावली के दो दिन पहले आने वाले इस त्योहार को लोग काफी धूम धाम से मानते है. धनतेरस के दिन गहनों और बर्तन की जमकर खरीदारी जाती है. इस साल धनतेरस 5 नवंबर को है.

धनतेरस वाले दिन शुभ मुहरत शाम 6.05 बजे से 8.01 बजे

समय – 1 घंटा 55 मिनट

प्रदोष काल- 5.29 PM से 8.07 PM

वृषभ काल- 6:05 PM से 8:01 PM

त्रयोदशी तिथि आरंभ- 5 नवंबर, 01:24 AM

त्रयोदशी तिथि खत्म- 5 नवंबर, 11.46 PM

क्यों भगवान धनवंतरी के पूजन का इतना महत्व?

हिन्दू धर्म के शास्त्रों के अनुसार समुन्दर मंथन के दौरान त्रयो‍दशी के दिन भगवान् धनवंतरी प्रकट हुए थे ! इसीलिए इस दिन को धन त्रयोदशी कहा जाता है ! धन और वैभव देने वाली इस त्रयोदशी का विशेष महत्व माना गया है.

पहले कहा जाता था की समुन्दर मंथन के समय बहुत ही दुर्लभ और कीमती और कीमती वस्तुओ के अलावा शरद पूर्णिमा का चन्द्रमा कार्तिक द्वादशी के दिन कामधेनु गाय त्रयोदशी को धनवंतरी और कार्तिक मॉस की अमावस्या तिथि को भगवती लक्ष्मी जी का समुन्दर से हुआ था. दिवाली वाले दिन और लक्ष्मी पूजा और उसके दो दिन पहले त्रयोदशी को भगवान् धनवंतरी का जन्म दिवस धनतेरस के रूप में मनाया जाता है.

हम यहा आपकी जानकारी के लिए बता दे की भगवान् धनवंतरी को नारायण भगवान् विष्णु का ही एक रूप माना जाता है ! इनकी चार भुजाये होती है जिनमे से दो भुजाओ में शंख और चक्र धारण किए हुए हैं. दूसरी दो भुजाओं में औषधि के साथ वे अमृत कलश लिए हुए हैं.क्योंकि पीतल भगवान धनवंतरी की प्रिय धातु है.

शाश्त्रो, के अनुशार, इस दिन खरीदी गयी कोई भी वस्तु शुभ होती है और लम्बे समय तक चलती है. लेकिन अगर भगवान् की प्रिय वस्तु पीपल की खरीदारी की जाए तो इसका तेरह गुना अधिक लाभ मिलता है.


Like it? Share with your friends!

0
News Fellow

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!