अमृतसर- ट्रेन चालक से हिरासत में हुआ पूछताछ , बोला- ग्रीन सिग्नल दिया था, लेकिन


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अमृतसर में दशहरा समारोह को देखते हुए जो घटना सामने आयी है, उसके बाद ट्रेन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया और पंजाब और रेलवे पुलिस ने पूछताछ के बाद चालक ने बताया कि उसे आगे बढ़ने के लिए हरे रंग के स्पष्ट संकेत दिए गए थे, और उन्हें पता नहीं था कि सैकड़ों लोग पटरियों पर खड़े थे.

बता दें की लुधियाना रेलवे में डीजल एकाधिक इकाई या डीएमयू ट्रेन के चालक से पूछताछ चल रही है. प्रशाशन का कहना यह है कि रेलवे पटरियों के पास अमृतसर के जोरा पाठक में रावण प्रतिमा-जलती घटना के आयोजक अचूक हैं.

रेलवे के अधिकारियों ने बताया है की वे जोरा फाटक के पास पटरियों को लेकर पोस्ट लाइनमैन के साथ बात कर रहे हैं, जिन्होंने रेलवे पटरियों पर सैकड़ों लोगों की होने के बावजूद डीएमयू चालक को सूचित नहीं किया था. बता दे की फायरक्रैकर्स फटने के बाद शोर के बीच आग लगने लगे, रेलवे पटरियों पर खड़े लोगों को यह एहसास बिलकुल भी नहीं था की कोई ट्रैन भी आ रही है.

इस अचानक हुए हादसे में कम से कम 60 लोगो की मरने की खबर अबतक आयी है, कुछ लोग मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर रहे थे जिसमे एक तेज़ी से ट्रैन, ट्रैक पर खरे लोगो को पांच सेकंड में अपने चपेट में ले लिया और कितनो घरो में मातम मच गयी है. रेलवे राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार की रात दुर्घटना स्थल पर पहुंचे उन्होंने कहा कि दुर्घटना के पीछे की तहकीकात की जा रही है. पंजाब और नई दिल्ली के रेल अधिकारियों का कहना है की उन्हें रेलवे पटरियों के पास दशहरा समारोह के बारे में कुछ सूचित नहीं किया जा रहा था.

शुक्रवार शाम रावण दहन कार्यक्रम के दौरान वह पर लगभग 700 लोग उपस्थित थे. लगभग 10-15 सेकंड में जब ट्रैन गुजरी तो वाहह की साड़ी खुसी गम में बदल गयी, पथके के आवाज़ के वजह से बहुत से लोगों ने ट्रेन की आवाज नहीं सुनी. वीडियो में साफ़ साफ़ दिख रहा है की जब ट्रेन ट्रैक पर आई, तो लोगों ने भागने की कोशिश की लेकिन भागनहीं पाए और ट्रैन की चपत में आ गए.


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