अब से मोबाइल में यह चीज रखने से और देखने पर होगी पांच साल की जेल, अगर आप बचना चाहते है तो जरूर पढ़े यह खबर


0

लोग अक्सर अपने मोबाइल फ़ोन पर बहुत सारे वीडियो कंटेंट बिना सोचे समझे देखते ओर सोशल मीडिया साइट्स पर फॉरवर्ड करते रहते है. लेकिन अब ऐसा करना आपको काफी भरी पड़ सकता है, अब आपको इस तरह के वीडियो कंटेंट शेयर करने पर 5 साल तक की जेल हो सकती है. cybercrime.gov.in नाम से शुरू हुए इस पोर्टल पर चाइल्ड , या संबन्ध से जुड़े कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर करने वालों के खिलाफ शिकायतें की जा सकेंगी. शिकायत होने के बाद आरोपी का फोन सर्वर से ट्रेस किया जाएगा.

इस अभियान का मकसद इस तरह के वीडियो या तस्वीरों पर रोक लगाना है, क्योंकि माना जा रहा है कि इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को देखकर बच्चों से ज्यादती के अपराध बढ़ रहे हैं। 30 सितंबर को लॉन्च हुए इस पोर्टल में शिकायत की सिर्फ यही दो कैटेगरी हैं। अब तक 34 शिकायतें आई हैं, लेकिन एक भी इस कैटेगरी में फिट नहीं बैठ रही हैं.

गृह मंत्रालय ने सायबर क्राइम प्रिवेंशन फॉर वुमेन एंड चाइल्ड (सीसीपीडब्ल्यूसी) के तहत मध्यप्रदेश सायबर सेल को नोडल एजेंसी बनाया है। बच्चों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे सायबर अपराधों को रोकने के इरादे से इसके तहत सायबर सेल को ट्रेनिंग प्रोग्राम करने हैं। पोर्टल खोलते ही पहचान छिपाकर या बताकर शिकायत करने के दो विकल्प आएंगे। पहचान छिपाकर शिकायत करने पर आगे का स्टेटस पता नहीं चलेगा.

चाइल्ड या संबंध की कैटेगरी भरने के बाद नाम-पता बताना होगा, जो गुप्त रहेगा। जिस व्यक्ति, मोबाइल नंबर या यूनिट रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) के खिलाफ शिकायत करनी है, उसकी जानकारी भरनी होगी। आप जिस राज्य से होंगे, वहां की नोडल एजेंसी को आपकी शिकायत भेज दी जाएगी। शिकायत को वेरिफाई करने के बाद संबंधित एजेंसी आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी.

भारतीय कानून अधिनियम में वर्ष 2000 में बने आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत चाइल्ड से जुड़े कंटेंट को सोशल मीडिया पर अपलोड करना, शेयर करना, इसे रिकॉर्ड करना या वेबसाइट पर ब्राउज करना भी अपराध की श्रेणी में आता है.

एआईजी सुदीप गोयनका के मुताबिक पहली बार में इस धारा के तहत पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। दोबारा ऐसा करने पर सजा बढ़कर सात साल तक हो सकती है। पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच में पुलिस इसी धारा का इस्तेमाल करेगी. बीते एक साल में मध्यप्रदेश सायबर सेल ने भोपाल और इंदौर में ऐसे चार प्रकरण दर्ज किए हैं.


Like it? Share with your friends!

0
News Fellow

0 Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *